4 नवंबर, 2026  |  01:08 IST
विज्ञापन
Billboard 1275x450

वादों की बारात और जनता के सवालों पर सत्ता का मौन

सेंटी गुरु का तंजनामा..... ✍️

⏱ 1 मिनट में पढ़ें
वादों की बारात और जनता के सवालों पर सत्ता का मौन

सेंटी गुरु आज फिर खडे हैं  हाथ में लोकतंत्र की किताब, जेब में जनता के सवाल और चेहरे पर वही पुरानी मुस्कान लिए , जिसे देखकर सत्ता पक्ष को भी लगता है कि आज फिर किसी की कुर्सी का पाया हिलने वाला है।

सेंटी गुरु बोले, लोकतंत्र बड़ा कमाल का खेल है। चुनाव से पहले जनता जनार्दन, चुनाव के बाद जनता परेशान। पहले दरवाजे पर दस्तक, फिर दरवाजे पर ताला। पहले हाथ जोड़कर प्रणाम, फिर हाथ जोड़कर जनता से निवेदन कि अगली बार जरूर आइएगा!

विज्ञापन
WhatsApp
WhatsApp

वाह रे लोकतंत्र! क्या खूब तेरी लीला है।

सत्ता में आने से पहले संविधान की दुहाई देने वाले, व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले और जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले जब खुद कुर्सी पर विराजते हैं, तो उनके सुर बदलने में देर नहीं लगती। जो कल तक व्यवस्था को आईना दिखाते थे, आज आईने पर ही पर्दा डालने में जुटे हैं।

सेंटी गुरु ने चश्मा ठीक किया और बोले, भाई साहब, लोकतंत्र कोई चुनावी मंच पर लगाया गया पोस्टर नहीं है, जिसे जीत के बाद उतारकर गोदाम में रख दिया जाए। यह जनता का अधिकार है, कोई सत्ताधारी की निजी संपत्ति नहीं।

जनता को रोटी चाहिए, तो उसे भाषणों की थाली मत परोसिए। सड़क चाहिए, तो विकास के सपनों का नक्शा मत दिखाइए। रोजगार चाहिए, तो आश्वासनों की पोटली मत थमाइए। आखिर कब तक जनता उम्मीदों की खिचड़ी पकाती रहेगी?

और हां, सत्ता के गलियारों में बैठे महानुभावों! कुर्सी का मोह इतना भी मत पालिए कि जनता की आवाज सुनाई देना बंद हो जाए। अहंकार की उम्र लंबी नहीं होती। जनता जब करवट बदलती है, तो बड़े-बड़े सिंहासन की नींव तक हिल जाती है।

सेंटी गुरु ने अपनी किताब बंद की और बोले, लोकतंत्र में सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, दोनों को एक बात गांठ बांध लेनी चाहिए- जनता किसी की जागीर नहीं है। वह मालिक है, बाकी सब किराएदार।

कुर्सी आज आपकी है, कल किसी और की हो सकती है। लेकिन जनता का अधिकार स्थायी है।

इसलिए सपनों की दुकान बंद कीजिए, काम का हिसाब खोलिए। क्योंकि लोकतंत्र का असली नारा यही है- जनता की सुनवाई, तभी सत्ता की टिकाई!

  

 सेंटी गुरु…

यह खबर शेयर करें
jilanazar.com
jilanazar.com · सम्पादकीय डेस्क jilanazar.com की और खबरें →

यह भी पढ़ें

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।