प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो गया था। इसके बाद सरकार ने निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर दिया था। इस फैसले और चुनाव में देरी के खिलाफ हाईकोर्ट में कुल 11 याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिनमें कई जनहित याचिकाएं भी शामिल थीं।
कोर्ट ने राज्य सरकार के शासनादेश में कोई बदलाव नहीं किया। निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के पद पर बने रहेंगे। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि तीन महीने के अंदर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
इस फैसले से राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। अब प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। राज्य निर्वाचन आयोग को भी जल्द अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह फैसला पंचायत चुनाव में लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता को खत्म करने वाला माना जा रहा है।





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