राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौड़ का एक बयान सोशल मीडिया पर धमाकेदार तरीके से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा – “पड़ोसी होने के नाते अगर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच युद्ध हो जाए तो हम पाकिस्तान के साथ हैं। लेकिन हमारे बीच युद्ध हो तो हम भारत के साथ हैं।”
यानी पहले पड़ोसी का हक, फिर अपना देश। आतंकी हमलों, पुलवामा, मुंबई और कश्मीर की खून-खराबा वाली यादें शायद नेताजी की पड़ोसी-प्रेम की सूची में नहीं थीं।
यूजर्स पूछ रहे हैं – “नेताजी, ये वही पाकिस्तान है ना जिसने भारत में दर्जनों आतंकी वारदातें कीं? या फिर सिर्फ पड़ोसी वाला हिस्सा याद है?”
बयान में कूटनीति की जगह ‘पड़ोसी पहले’ वाला नया सिद्धांत पेश किया गया है। विपक्ष और आम लोग दोनों ही इसे लेकर कटाक्ष कर रहे हैं कि जब देश की सुरक्षा की बात आती है तो भाषण में भारत, और जब पड़ोसी का नाम आता है तो पाकिस्तान।
एक तरफ देश की सीमा पर सैनिक खड़े हैं, दूसरी तरफ नेता ‘अगर-तो’ वाली शर्तों पर पड़ोसी चुन रहे हैं। वायरल वीडियो में यही विरोधाभास सबसे ज्यादा चर्चा में है।





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