23 अक्टूबर, 2026  |  09:30 IST
Jila Nazar
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026
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जेब का वजन और शब्दों की औकात!

विकास भारद्वाज..... ✍️

⏱ 1 मिनट में पढ़ें👁 5 बार पढ़ा गया
जेब का वजन और शब्दों की औकात!

जब दौलत आवाज को बुलंद और गरीबी की सच्चाई को बेआवाज कर देती है, तब समाज के नैतिक मूल्यों पर सवाल उठना लाजिमी है।

मनुष्य के व्यक्तित्व की वास्तविक पहचान उसके विचारों की गहराई, शब्दों की शालीनता और चरित्र की ऊंचाई से होनी चाहिए, लेकिन आज के सामाजिक परिवेश में मान-सम्मान का तराजू कुछ इस तरह बदल गया है कि उसमें इंसान का व्यक्तित्व नहीं, उसकी जेब तौली जाती है। जिसके पास धन की प्रचुरता है, उसकी साधारण-सी बात भी ज्ञान का भंडार समझी जाती है और जिसके पास केवल अनुभव, ईमानदारी तथा सच्चाई की पूंजी है, उसकी गंभीर बात भी अक्सर उपेक्षा के अंधेरे में खो जाती है।

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विडंबना देखिए कि धनवान व्यक्ति की निरर्थक बातों पर भी लोग सिर हिलाते हैं, उसकी अधूरी समझ को दूरदर्शिता और उसकी बेतुकी सलाह को जीवन का दर्शन मान लेते हैं। वहीं गरीब की सच्ची बात, चाहे वह अनुभव की आग में तपकर निकली हो, लोगों के कानों तक पहुंचने से पहले ही सामाजिक हैसियत की दीवार से टकराकर दम तोड़ देती है। मानो सत्य की प्रमाणिकता भी अब वक्ता की आर्थिक स्थिति देखकर तय की जाने लगी हो।

दरअसल, यह केवल धन की प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक मानसिकता का संकट है। हमने मनुष्य को उसके गुणों से परखने के बजाय उसकी संपत्ति से आंकना शुरू कर दिया है। किसी की महंगी गाड़ी, आलीशान मकान और भरी हुई तिजोरी उसके लिए सम्मान के द्वार खोल देती है, जबकि मेहनतकश के फटे कपड़े और खाली जेब उसकी योग्यता पर अनावश्यक प्रश्नचिह्न लगा देते हैं।

लेकिन यह भी सच है कि धन सुविधा खरीद सकता है, प्रभाव पैदा कर सकता है और लोगों की भीड़ जुटा सकता है, वह हर बार विवेक, संवेदना और सम्मान अर्जित नहीं कर सकता। इतिहास गवाह है कि अनेक महान विचार उन लोगों के भीतर जन्मे, जिनकी जेबें खाली थीं, मगर जिनका चिंतन समृद्ध था।

समाज को समझना होगा कि जेब का वजन और विचारों का वजन दो अलग-अलग चीजें हैं। धन के सामने झुकना आसान है, मगर सत्य के सामने नतमस्तक होना चरित्र की पहचान है।

जिस दिन हम इंसान की बात को उसकी हैसियत से नहीं, उसकी सच्चाई से तौलने लगेंगे, उसी दिन सम्मान का अर्थ बदलेगा। क्योंकि अंततः बड़ी जेब नहीं, बड़ी सोच ही मनुष्य को वास्तव में बड़ा बनाती है।

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