विंध्याचल (मिर्जापुर)। विंध्याचल धाम स्थित महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ महर्षि आश्रम में 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को 151 बटुक विप्र बालकों का उपनयन संस्कार आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम मां विंध्यवासिनी धाम के समीप स्थित पवित्र ‘मणि द्वीप’ में वैदिक रीति-रिवाजों और शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। आयोजन में पंचांग पूजन, नवतत्व पूजन, चुड़ाकर्म, उपनयन, वेदारंभ और समावर्तन संस्कार सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे। कार्यक्रम का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित है।
आयोजन में परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी के आशीर्वाद तथा ब्रह्मचारी गिरिश जी के मार्गदर्शन का उल्लेख किया गया है। आयोजकों ने इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों को सादर आमंत्रित किया है।

गुरुकुल परंपरा से वैदिक शिक्षा पर जोर
महर्षि आश्रम में प्राचीन ऋषि-मुनियों की गुरुकुल पद्धति के अनुरूप बटुकों को वैदिक शिक्षा और संस्कार प्रदान करने पर जोर दिया जाता है। यहां रामायण, चारों वेद, पुराण, श्रीमद्भगवद्गीता, दुर्गा सप्तशती और कर्मकांड की शिक्षा के साथ खेलकूद, अष्टांग योग, प्राणायाम, ध्यान, हवन-यज्ञ और रुद्राभिषेक जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं।
आश्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आध्यात्मिक चेतना, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना है। आयोजकों के अनुसार, उत्तम शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और परस्पर प्रेम-स्नेह व भाईचारे की भावना को बढ़ावा देकर आदर्श समाज की स्थापना की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाते हैं। विश्व शांति और लोककल्याण की भावना भी इन गतिविधियों का प्रमुख आधार है।

उपनयन संस्कार का महत्व
उपनयन संस्कार को भारतीय वैदिक परंपरा में शिक्षा और आध्यात्मिक जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआत माना जाता है। इसके माध्यम से बटुकों को अनुशासन, कर्तव्यबोध और धार्मिक परंपराओं से परिचित कराया जाता है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान और संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
संपर्क: राज किशोर शर्मा – 9417335633, अनिल सिंह – 8423845226





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