अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने वर्क परमिट (EAD) के नवीनीकरण के लिए मिलने वाले 540 दिनों के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन को पूरी तरह खत्म कर दिया है। यह फैसला H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथियों (H-4) और अन्य कई विदेशी कामगारों के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने 14 अक्टूबर 2026 को अंतिम नियम जारी कर इस बदलाव को औपचारिक रूप दे दिया। इसके तहत 30 अक्टूबर 2025 या उसके बाद दायर किए गए नवीनीकरण आवेदनों पर अब स्वतः विस्तार नहीं मिलेगा। अगर मौजूदा परमिट की अवधि खत्म हो जाती है और USCIS का फैसला लंबित रहता है, तो संबंधित व्यक्ति को काम बंद करना पड़ सकता है।
यह ऑटोमैटिक एक्सटेंशन पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में प्रोसेसिंग में देरी से बचाने के लिए शुरू किया गया था। अब हजारों भारतीय परिवार, खासकर H-4 ईएडी धारक महिलाएं, प्रभावित हो सकते हैं। कई मामलों में नौकरी छूटने और अमेरिका छोड़ने की नौबत आ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार USCIS में पहले से ही लाखों आवेदन लंबित हैं। नए नियम से रोजगार में बाधा बढ़ेगी। H-1B मुख्य वीजा पर इसका सीधा असर नहीं है, लेकिन परिवारों पर दबाव जरूर बढ़ेगा।





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