14 अक्टूबर, 2026  |  20:11 IST
Jila Nazar
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026
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ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की अहम बैठक में उठा पत्रकार उत्पीड़न का मुद्दा

“कलम की ताकत पहचानें पत्रकार, एकजुट होकर उठाएं अपनी आवाज” — श्यामसुंदर पाराशर

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ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की अहम बैठक में उठा पत्रकार उत्पीड़न का मुद्दा

आगरा। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक बुधवार को किरावली तहसील के समीप स्थित कार्यालय पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ सिंह के निर्देशानुसार आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों से जुड़े पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान संगठन विस्तार, ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं, पत्रकारों की सुरक्षा और उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।

संगठन विस्तार और पत्रकारों की समस्याओं पर हुआ मंथन, उत्पीड़न के मामलों में निष्पक्ष जांच हो -विष्णु सिकरवार 

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बैठक में विशेष रूप से फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में दो पत्रकारों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित तौर पर बिना समुचित जांच एवं बिना साक्ष्य के मुकदमा दर्ज किए जाने का मुद्दा उठाया गया। उपस्थित पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पत्रकारों के साथ न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकार अनेक चुनौतियों के बीच जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सम्मान और निष्पक्ष पत्रकारिता के अधिकारों की रक्षा करना बेहद जरूरी है।

बैठक के मुख्य अतिथि ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राजस्थान के सह प्रभारी श्याम सुंदर पाराशर ने कहा कि पत्रकारों को अपनी कलम की ताकत पहचाननी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज की आवाज बुलंद करने का सशक्त माध्यम है। पत्रकारों को आपसी एकजुटता बनाए रखते हुए अपनी समस्याओं को पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखना चाहिए। संगठन की शक्ति ही पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा का आधार बन सकती है।

 

पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं : डॉ विष्णु सिकरवार

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. विष्णु सिकरवार ने कहा कि पत्रकारों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। यदि जनसमस्याओं को उठाने वाले पत्रकारों का उत्पीड़न किया जाता है, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से उठाया जाएगा और संबंधित पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली से शासन को अवगत कराया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विष्णु सिकरवार ने की। संगठन के संरक्षक ओमप्रकाश सविता,वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक शर्मा की प्रमुख भूमिका रही। बैठक का संचालन जिला महामंत्री प्रमेंद्र फौजदार ने किया।

इस अवसर पर कमल बिहार मुखिया, राजेश शर्मा, राजेंद्र सिंह छौंकर, शिवम सिकरवार, प्रमोद पाठक, चौब सिंह सक्सेना, सोनवीर सिंह, भोज कुमार फौजी, अमित चाहर, कर्मवीर सिंह, राजकुमार इंदौलिया, नीरज शुक्ला, देवेश शर्मा, शीलेंद्र गौतम, गोविंद शर्मा, हरिओम रावत, जितेंद्र/जीते ठाकुर, सहदेव शर्मा, अजय सिंह, रवि चौधरी, दिलशाद समीर, ज्ञानू चौधरी, शोएब सिद्दीकी, राहुल आमीन, अली कुरैशी सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

बैठक में पत्रकारों ने संगठन को मजबूत बनाने, आपसी समन्वय बढ़ाने और ग्रामीण पत्रकारों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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