12 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित यौन शोषण का मामला, एसएसपी से कार्रवाई की मांग


मऊरानीपुर (झांसी)। मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र में 12 वर्षीय नाबालिग बालक के कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। ग्राम कुरैचा स्थित काली सरकार मंदिर में रहने वाले एक कथित पुजारी पर बालक को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, यौन शोषण करने और धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। बालक के दादा ने 27 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी को प्रार्थना पत्र देकर प्राथमिकी दर्ज कराने, बच्चे का चिकित्सीय परीक्षण कराने और आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, बालक नियमित रूप से काली सरकार मंदिर में दर्शन करने जाता था। इसी दौरान उसकी पहचान मंदिर में पुजारी के रूप में रहने वाले प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज से हुई। आरोप है कि कथित पुजारी पैसों और खाने-पीने का लालच देकर बालक को अपने साथ ले गया। देर रात होने का हवाला देकर उसे मंदिर परिसर में बनी कुटिया में रोक लिया, जहां कथित तौर पर उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन शोषण किया गया और उसे डराया-धमकाया गया।
शिकायत में कहा गया है कि कथित पुजारी बालक को अपने साथ लेकर कई दिनों तक बाहर रहा। इस दौरान फोन पर कभी हरिद्वार, कभी दिल्ली तो कभी लखनऊ में होने की बात बताई गई। दादा के मुताबिक, 22 अक्टूबर की रात बालक घर लौटा तो रोने लगा। पूछताछ करने पर उसने कथित गलत कृत्य किए जाने और नशीला पदार्थ खिलाए जाने की बात बताई। शिकायत में घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
दादा का आरोप है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी और कोतवाली मऊरानीपुर पहुंचे। उनका कहना है कि वह रात नौ बजे से दो बजे तक थाने में मौजूद रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई।
शिकायतकर्ता ने कथित पुजारी के पूर्व आपराधिक इतिहास और हरदोई पुलिस द्वारा वारंटों के संबंध में कार्रवाई किए जाने का दावा भी किया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पुलिस रिकॉर्ड की जानकारी सामने आना बाकी है।
फिलहाल, प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने, चिकित्सीय परीक्षण और जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई और निष्पक्ष जांच जरूरी है। आरोपों की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।





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