आगरा। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान में सामने आई अनियमितताओं के मामले में भारत निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। 23 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान पर्यवेक्षण और नियंत्रण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पांच मतदान अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
आयोग के सचिव सुमन कुमार दास की ओर से 26 अक्टूबर को जारी निर्देशों के अनुसार, यह कार्रवाई आगरा मंडलायुक्त एवं रिटर्निंग ऑफिसर की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। निलंबित किए जाने वाले अधिकारियों में सैंया मतदान केंद्र पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक, इंस्पेक्टर हरिशरण सिंह और सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार शामिल हैं। वहीं, फतेहाबाद मतदान केंद्र पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर, इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम पाल और सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

आयोग ने मतदान केंद्रों पर निगरानी और आसपास नियंत्रण बनाए रखने में हुई चूक को गंभीर माना है। संबंधित अधिकारियों को 10 दिन के भीतर आरोपपत्र का मसौदा आयोग को भेजने और तत्काल अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुनर्मतदान के बाद कार्रवाई
गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान अनियमितताओं और बूथ कैप्चरिंग के आरोपों से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद खेरागढ़ के मतदान केंद्र संख्या 20, सैंया के केंद्र संख्या 21 और फतेहाबाद के केंद्र संख्या 26 पर मतदान शून्य घोषित कर 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराया गया था।
पुनर्मतदान के बाद आई जांच रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने यह कदम उठाया है। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि चुनाव प्रक्रिया में निगरानी और व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारियों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।






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