फतेहाबाद श्रीहरि धाम से प्रख्यात कथा व्यास आचार्य श्री राम नजर जी महाराज (पूज्य श्रीहरि जी महाराज) ने बताया इस बार 2026 में दिनांक 26 अक्टूबर सोमवार शरद पूर्णिमा से लेकर दिनांक 24 नवंबर कार्तिकी पूर्णिमा तक कार्तिक मास में प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान तुलसी शालिग्राम पूजन सायंकाल प्रदोष में आकाशदीप भगवान विष्णु एवं पितरों के निमित्त दीपदान का विशेष महत्व होता है
आचार्य जी ने बताया धर्म शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास में प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से पितरों को शांति मिलती है तथा दामोदर भगवान की कृपा से हर मनोकामना पूर्ण होती है स्नान के बाद गौरी गणेश तुलसी शालिग्राम का सच्ची श्रद्धा भाव से पूजन करनी चाहिए

वही आचार्य जी ने बताया कार्तिक मास में शायं प्रदोष काल में भगवान विष्णु के निमित्त तुलसी के निमित्त एवं पितरों के निमित्त दीपदान अवश्य करना चाहिए कार्तिक मास में पितृ गण अपनी संतान से दीपदान की आशा करते हैं ऐसा वर्णन है-
श्रुणु दीपस्य माहात्म्यं कार्तिके शिखिवाहन। पितरश्चैव वांछन्ति सदा पितृगणैर्वृता।।*
*भविष्यति कुलेस्माकं,पितृ भक्त: सुपुत्रक:।कार्तिके दीप दानेन यस्तोषयति केशवम्।।
अतः कार्तिक मास में दीपदान अवश्य करें दीपदान में देशी गाय का घी अथवा शुद्ध तिल का तेल प्रयोग करें
आकाशदीप दान किसी बांस में शुद्ध तिल के तेल का जला हुआ दीपक बांध करके छत के ऊपर आकाश की तरफ करने से अनंत गुना फल प्राप्त होता है इससे भगवान नारायण प्रसन्न होते हैं।
शरद पूर्णिमा की रात्रि में गाय के दूध की खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखें प्रात:काल भोग लगाकर खाने से अनेक प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं इस बार 25 नवंबर को रात्रि काल में पूर्णिमा रहेगी





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