उत्तर प्रदेश में आज 23 अक्टूबर को विधान परिषद की 11 सीटों (पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों) के लिए मतदान संपन्न हो गया। लगभग 14.8 लाख मतदाताओं ने 152 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की ताकत का महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है।
मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चला। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत ऊंचा रहा। प्रदेश में सभी जगहों पर 75-80 प्रतिशत के आसपास मतदान दर्ज हुआ। स्नातक क्षेत्रों में भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही। कुल मिलाकर शाम 4 बजे तक औसत मतदान लगभग 64 प्रतिशत के आसपास बताया जा रहा है। ज्यादातर जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा, हालांकि आगरा, गोरखपुर में भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच छोटी-मोटी भिड़ंत की खबरें आईं।

भाजपा ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों का हवाला देते हुए सभी 11 सीटों पर जीत का दावा किया है। पार्टी के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षकों और स्नातकों का समर्थन उन्हें मिलेगा। वहीं समाजवादी पार्टी ने भी सक्रियता दिखाई। अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव जैसे नेताओं ने मतदान कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोनों प्रमुख दलों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी कुछ सीटों पर कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधान परिषद में बहुमत सरकार के पक्ष में होने से विधेयकों के पारित होने में आसानी रहती है। साथ ही, शिक्षकों और स्नातकों का वर्ग प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली माना जाता है। नतीजे आने के बाद दोनों प्रमुख दल अपनी रणनीति को 2027 के लिए और मजबूत करेंगे।
समग्र रूप से मतदान प्रक्रिया सुचारू रही। अब मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किसकी बात सुनी। लोकतंत्र की यही खूबी है कि अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है।





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