15 अक्टूबर, 2026  |  15:40 IST
Jila Nazar
गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
Billboard 1275x450

यूपी में बोतलबंद पानी पर सख्ती: बिना BIS प्रमाणन नहीं मिलेगा लाइसेंस

नई इकाइयों के लिए तुरंत BIS जरूरी, मौजूदा 968 इकाइयों को 31 मार्च 2027 तक मौका

⏱ 1 मिनट में पढ़ें👁 7 बार पढ़ा गया
यूपी में बोतलबंद पानी पर सख्ती: बिना BIS प्रमाणन नहीं मिलेगा लाइसेंस

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बोतलबंद पानी (पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर और मिनरल वॉटर) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा फैसला लिया है। FSDA आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के आदेश के अनुसार अब नई इकाइयों को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का प्रमाणन मिलने के बाद ही खाद्य सुरक्षा लाइसेंस या पंजीकरण जारी किया जाएगा।

प्रदेश में पहले से संचालित 968 इकाइयों को 31 मार्च 2027 तक BIS प्रमाणन लेना अनिवार्य है। तय समयसीमा में प्रमाणन न लेने वाली इकाइयों का लाइसेंस या पंजीकरण निलंबित कर दिया जाएगा और उत्पादन बंद कराया जाएगा। यह आदेश केंद्रीय लाइसेंस वाली इकाइयों पर भी लागू होगा।

विज्ञापन
💬

ऐसी खबरें सबसे पहले पाएँ — हमें WhatsApp पर जोड़ें

खबर भेजने का नंबर: 7534805152

जुड़ें

पिछले एक साल में FSDA ने 811 इकाइयों का निरीक्षण कर 660 नमूने एकत्र किए। इनमें से 513 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे (लगभग 78 प्रतिशत), जिनमें 176 स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए। पहले ही 152 इकाइयों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं और 55 केंद्रीय लाइसेंसधारी इकाइयों पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि 2024 में FSSAI द्वारा अनिवार्य ISI/BIS प्रमाणन हटाने के बाद इकाइयों की संख्या बढ़ गई थी और गुणवत्ता में गंभीर खामियां सामने आईं। अब उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रमाणन फिर अनिवार्य कर दिया गया है।

यह खबर शेयर करें

यह भी पढ़ें

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।