मथुरा।श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित की जाने वाली धातु की भेंट अब गुणवत्ता की कसौटी पर परखी जाएगी। दान में प्राप्त धातु की शुद्धता और उसमें मिली अन्य धातुओं की मात्रा का पता लगाने के लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने कंप्यूटराइज्ड परीक्षण मशीन की व्यवस्था शुरू की है। शुक्रवार को मंदिर परिसर में मशीन का शुभारंभ किया गया। इस पहल को दान प्रक्रिया में पारदर्शिता और दानदाताओं के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।ट्रस्टी श्यामसुंदर चौधरी, सचिव कपिल शर्मा और गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी की उपस्थिति में शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत अब श्रद्धालुओं के सामने ही दान में अर्पित धातु का परीक्षण किया जा सकेगा। मशीन से धातु की शुद्धता के साथ उसमें शामिल विभिन्न धातुओं की मात्रा का विवरण भी प्राप्त होगा।सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि परीक्षण के परिणाम के आधार पर ही दान स्वीकार कर रसीद जारी की जाएगी। जांच रिपोर्ट की एक प्रति दानदाता को दी जाएगी, जिस पर उसके हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर दर्ज होंगे। दूसरी प्रति संस्थान के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अपनी भेंट की रसीद के साथ उसकी वास्तविक गुणवत्ता का प्रमाण भी मिल सकेगा। संस्थान का उद्देश्य दान व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।




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