15 अक्टूबर, 2026  |  22:43 IST
Jila Nazar
गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
Billboard 1275x450

महिला फांसीघर के कारण फिर सुर्खियों में मथुरा जेल

मथुरा। मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मथुरा जिला जेल एक बार फिर चर्चा में है।उत्तर प्रदेश में महिलाओं को फांसी देने के लिए निर्धारित …

⏱ 1 मिनट में पढ़ें👁 3 बार पढ़ा गया
महिला फांसीघर के कारण फिर सुर्खियों में मथुरा जेल

मथुरा। मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मथुरा जिला जेल एक बार फिर चर्चा में है।उत्तर प्रदेश में महिलाओं को फांसी देने के लिए निर्धारित फांसीघर इसी जेल में स्थित है। हालांकि, आजादी के बाद यहां किसी महिला को फांसी दिए जाने का मामला सामने नहीं आया है। जेल प्रशासन के अनुसार, मुस्कान को फांसी देने के संबंध में फिलहाल कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।जेल परिसर में महिला फांसीघर बैरकों से अलग एकांत स्थान पर बना है। बताया जाता है कि इसका निर्माण ब्रिटिश शासनकाल में करीब 155 वर्ष पहले हुआ था। अमरोहा के चर्चित हत्याकांड में परिवार के सात सदस्यों की हत्या की दोषी शबनम को भी मृत्युदंड सुनाया गया था। उसकी दया याचिका खारिज होने के बाद फांसीघर की व्यवस्था दुरुस्त कराई गई थी, लेकिन शबनम को अब तक फांसी नहीं हुई है। वह रामपुर जेल में बंद है।सौरभ हत्याकांड में मार्च 2025 में हत्या के बाद शव के टुकड़े नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया था। अदालत ने सुनवाई के बाद मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाया। हालांकि, सजा पर अमल से पहले हाईकोर्ट से पुष्टि और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होना जरूरी है। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग के मुताबिक, नियमानुसार ब्लैक वारंट जारी होने और आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

यह खबर शेयर करें

यह भी पढ़ें

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।