4 नवंबर, 2026  |  18:45 IST
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25 साल बाद भी अधिवक्ता लाठीचार्ज का हिसाब अधूरा, डीजीपी ने आगरा के पुलिस आयुक्त से मांगी रिपोर्ट

25 साल बाद भी अधिवक्ता लाठीचार्ज का हिसाब अधूरा, डीजीपी ने आगरा के पुलिस आयुक्त से मांगी रिपोर्टआगरा, 04 नवम्बर। जनपद न्यायालय दीवानी परिसर में अधिवक्ताओं पर 26 सितंबर, 2001 को हुए लाठीचार्ज के 25 सा…

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25 साल बाद भी अधिवक्ता लाठीचार्ज का हिसाब अधूरा, डीजीपी ने आगरा के पुलिस आयुक्त से मांगी रिपोर्ट

आगरा। जनपद न्यायालय दीवानी परिसर में अधिवक्ताओं पर 26 सितंबर, 2001 को हुए लाठीचार्ज के 25 साल बाद फाइलें फिर खुली हैं। अधिवक्ता नरेश कुमार पारस की आरटीआई पर डीजीपी मुख्यालय ने आगरा पुलिस आयुक्त को पत्र भेजा है। सूचना संग्रह के लिए आयुक्त कार्यालय से एसीपी कोतवाली को नामित किया गया है। यह जानकारी देते हुए नरेश पारस ने बताया कि उन्होंने 11 सितंबर, 2026 को गृह विभाग से जस्टिस गिरधर मालवीय आयोग की संपूर्ण रिपोर्ट, Action Taken Report, दोषी अधिकारियों की नामवार सूची, विधानसभा में रिपोर्ट रखे जाने का रिकॉर्ड और दोषियों के विरुद्ध विभागीय व न्यायिक कार्रवाई की वर्तमान स्थिति मांगी थी। गृह विभाग ने 21 सितंबर को आवेदन डीजीपी कार्यालय भेजा। सूचना न मिलने पर 21 अक्टूबर को प्रथम अपील हुई। इसके बाद 27 अक्टूबर को डीजीपी कार्यालय ने आगरा आयुक्त को पत्र भेजा।
घटना आगरा में ही हुई थी, इसलिए स्थानीय पुलिस के पास तत्कालीन रिपोर्ट, ड्यूटी-तैनाती रिकॉर्ड, पत्राचार और विभागीय जांच की फाइलें उपलब्ध हो सकती हैं। इनसे यह पता चलेगा कि घटना के बाद स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई और शासन को क्या रिपोर्ट भेजी गई। आयोग ने तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर प्रतिकूल निष्कर्ष और कार्रवाई की संस्तुति की थी, लेकिन उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसका आधिकारिक विवरण अब तक सामने नहीं आया है। अधिवक्ता हर साल 26 सितंबर को काला दिवस मनाते हैं। सवाल वही है - रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं हुई, दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई और 25 साल बाद भी आरटीआई-अपील क्यों करनी पड़ रही है?

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