5 नवंबर, 2026  |  00:07 IST
Jila Nazar
गुरुवार, 5 नवंबर 2026
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142 शिक्षकों की तैनाती के आदेश रद्द, मनचाही पोस्टिंग के लिए 5 लाख तक लेने के आरोप

मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग में 142 शिक्षकों की तैनाती और समायोजन को लेकर उठे विवाद ने बड़ा प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। मनचाहे विद्यालय में पोस्टिंग दिलाने के नाम पर प्रति शिक्षक चार से पांच लाख रुपये त…

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142 शिक्षकों की तैनाती के आदेश रद्द, मनचाही पोस्टिंग के लिए 5 लाख तक लेने के आरोप

मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग में 142 शिक्षकों की तैनाती और समायोजन को लेकर उठे विवाद ने बड़ा प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। मनचाहे विद्यालय में पोस्टिंग दिलाने के नाम पर प्रति शिक्षक चार से पांच लाख रुपये तक के कथित लेन-देन और नियमों को ताक पर रखकर आदेश जारी करने की शिकायतों के बाद मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने बीएसए कार्यालय की ओर से जारी पदस्थापना और संशोधन संबंधी सभी आदेश निरस्त कर दिए हैं। अब तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति पूरे प्रकरण की जांच करेगी।शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि शिक्षकों के समायोजन में शासनादेशों और न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। अंतर-ब्लॉक समायोजन, प्रधानाध्यापकों की तैनाती और ग्रामीण से शहरी क्षेत्रों में पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाए गए। कथित रिश्वतखोरी के आरोपों में बीएसए कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और बिचौलियों की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक जांच होनी बाकी है।सीडीओ ने 26 सितंबर और 22 अक्टूबर 2026 को बीएसए कार्यालय से जारी तैनाती और संशोधन के सभी आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। जिन शिक्षकों ने नए विद्यालयों में कार्यभार संभाल लिया था, उनका कार्यभार भी निरस्त माना गया है। ऐसे शिक्षकों को अपने मूल विद्यालयों में लौटकर शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।सीडीओ डॉ. पूजा गुप्ता ने बताया कि पदस्थापना को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर आदेश निरस्त कर तीन वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति बनाई गई है। समिति को सात दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।दूसरी ओर, बीएसए कार्यालय की ओर से इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि बिना स्पष्टीकरण मांगे आदेश निरस्त करना शासनादेशों के उल्लंघन का विषय हो सकता है। इस पर सीडीओ ने स्पष्ट किया कि संबंधित शिक्षक जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं। यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो आदेश बहाल करने में कानूनी बाधा नहीं होगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर 142 शिक्षकों की तैनाती से जुड़े पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट होगी।

 

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