आगरा। उत्तर भारत की प्रसिद्ध आगरा रामलीला का विजयदशमी पर भव्य समापन हुआ। रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध के सजीव मंचन के बाद 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को भी आग के हवाले किया गया।
रावण के पुतले की आंखों और मुंह की हरकत, अट्टहास तथा अंगारों जैसे विशेष प्रभावों ने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। रावण दहन के बाद करीब दो घंटे तक हुई आतिशबाजी से आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश जीवंत हो उठा।

कलाकारों के विवाद से हंगामा
आयोजन के दौरान रावण की सेना के सेनापति और लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले कलाकारों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि तलवार से हमले के बाद मारपीट हुई, जिससे कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
चीनी छात्रों ने देखी रामलीला
केंद्रीय हिंदी संस्थान में भारतीय साहित्य का अध्ययन कर रहे चीन के छात्र वांग अपने करीब 10 साथियों के साथ रामलीला देखने पहुंचे। उन्होंने भगवान राम के जीवन और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी रुचि साझा की। इस तरह ऐतिहासिक रामलीला ने धार्मिक आस्था के साथ विदेशी दर्शकों को भी भारतीय सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।





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