21 अक्टूबर, 2026  |  23:11 IST
Jila Nazar
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
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शरद पूर्णिमा पर मुरली बजाते महारास की मुद्रा में दर्शन देंगे बांकेबिहारीजी

वर्ष में एक दिन सजेगी ठाकुरजी के अधरों पर मुरली, श्वेत पोशाक और सोलह शृंगार में होंगे दर्शन; सोने-चांदी की मुरली अर्पित कर भक्त करेंगे मनोकामना पूर्ति की अरदास

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शरद पूर्णिमा पर मुरली बजाते महारास की मुद्रा में दर्शन देंगे बांकेबिहारीजी

वृंदावन (मथुरा)।शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला की स्मृति में ठाकुर बांकेबिहारीजी भक्तों को मुरली बजाते हुए मनोहारी दर्शन देंगे। इस विशेष अवसर पर ठाकुरजी श्वेत धवल पोशाक और सोलह शृंगार में महारास की मुद्रा में विराजमान होंगे। वर्ष में केवल इसी दिन उनके अधरों पर मुरली सजती है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं।ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी का स्वर्ण-रजत और हीरा-मोती जड़ित दिव्य शृंगार किया जाएगा। शाम को उन्हें मंदिर के जगमोहन में चांदी के सिंहासन पर विराजित किया जाएगा। इस दौरान पूर्णिमा के चंद्रमा की दूधिया रोशनी में ठाकुरजी के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होंगे। मंदिर में उत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने वंशीवट पर बांसुरी की मधुर तान छेड़कर गोपियों संग महारास रचाया था।इसी लीला की स्मृति में ठाकुरजी मुरली धारण करते हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार सोने या चांदी की छोटी-बड़ी मुरली अर्पित कर सुख,शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

 

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