झांसी। सरकारी स्कूलों में योगा टीचर की नौकरी दिलाने के नाम पर 40 लोगों से करीब 30 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी एनजीओ के माध्यम से लोगों को नौकरी का भरोसा देकर रकम वसूलता था। मामले में मुख्य आरोपी एनजीओ संचालक नसीम अहमद अभी फरार है। वहीं, प्रकरण में बीएसए कार्यालय की भूमिका भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गई है।
एसपी सिटी प्रीति सिंह के मुताबिक, नई दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी नसीम अहमद ‘मेक आइडिया मेडिटेशन’ नाम से एनजीओ चलाता है। इसका एक कार्यालय झांसी के चिरगांव में था, जिसे करइयनपुरा मोहल्ला निवासी राजेश मिश्रा संभालता था। आरोप है कि राजेश के माध्यम से सरकारी स्कूलों में योगा टीचर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 40 लोगों से लगभग 30 लाख रुपये वसूले गए। हालांकि, किसी को नौकरी नहीं मिली और न ही उनकी रकम वापस की गई।

इस मामले में प्रेमनगर क्षेत्र के बल्लमपुर गांव निवासी मनोज राय ने 31 अगस्त 2025 को नवाबाद थाने में राजेश मिश्रा और नसीम अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। करीब 14 महीने से पुलिस को चकमा दे रहे राजेश मिश्रा को शनिवार को मुखबिर की सूचना पर नवाबाद पुलिस ने चिरगांव स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
बीएसए कार्यालय की भूमिका की जांच
जांच में सामने आया है कि एनजीओ का बीएसए कार्यालय के साथ विभिन्न सरकारी स्कूलों में योगा टीचर उपलब्ध कराने को लेकर कथित तौर पर टाइअप था। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस व्यवस्था में कार्यालय के किन लोगों की भूमिका थी और नौकरी के नाम पर रकम वसूलने का पूरा खेल कैसे चला।
पुलिस फरार एनजीओ संचालक नसीम अहमद की तलाश में जुटी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ठगी के नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में अहम खुलासे होने की उम्मीद है।





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