स्थानीय सूत्रों के अनुसार गणेश, विश्वकर्मा और करमा पूजा के बाद अब दुर्गा, काली और लक्ष्मी पूजा तथा बंदना पर्व आने वाले हैं। इन्हें देखते हुए जैंतगढ़ क्षेत्र में अवैध देसी शराब का उत्पादन अचानक बढ़ने की बात कही जा रही है।
बताया गया है कि बांसकांटा, खूंटियांपदा और तुरली जैसे गांव इस कारोबार के बड़े केंद्र हैं, जहां सामान्य दिनों से तीन से पांच गुना अधिक उत्पादन होने का दावा किया गया है। वैतरणी और कांगुरा नदी के किनारे भट्ठियां चलने तथा शराब को ओडिशा और झारखंड के कुछ इलाकों तक भेजे जाने का आरोप भी है।
महिला नेत्री प्रमिला पात्रा ने आबकारी विभाग और प्रशासन से लगातार अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि त्योहारों में इस कारोबार के बढ़ने से सामाजिक वातावरण पर असर पड़ सकता है, इसलिए समय रहते कार्रवाई जरूरी है।




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