राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को नागपुर के देओलापुर में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराएं समाज और विश्व की सुरक्षा व कल्याण के लिए अहम हैं, और लोगों को इन्हीं के अनुरूप जीना चाहिए।
भागवत के अनुसार समाज के आकार को देखते हुए अच्छे काम में लगे लोगों की संख्या पर्याप्त नहीं है, इसलिए सभी को योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि समाज उत्सवों में उत्साह से भाग लेता है, लेकिन अधिकतर लोग यह नहीं सोचते कि जरूरी काम वे खुद करें और अपेक्षा करते हैं कि कोई और समाज के लिए भला करे।




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