आगरा। एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं की पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से धक्कामुक्की हो गई। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार जमीन पर गिर गए, जबकि भाकियू जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया के हाथ में चोट लग गई। बाद में सुभाष पार्क के सामने किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
किसान एसआईआर प्रक्रिया के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने जा रहे थे। एमएलसी चुनाव के मतदान के चलते पुलिस ने उन्हें थाना नाई की मंडी में बैठा लिया था। सुबह 11:30 बजे जिलाधिकारी के आने का समय दिया गया, लेकिन दोपहर 12 बजे तक अधिकारी नहीं पहुंचे। इसके बाद किसान कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान धक्कामुक्की हुई और सिटी मजिस्ट्रेट जमीन पर गिर पड़े।

ज्ञापन में किसानों ने एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने, मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों का मतदान अधिकार बहाल करने, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जांच व कार्रवाई और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के कथित उत्पीड़न की जांच कराने की मांग की।
किसानों ने टोरेंट पावर क्षेत्र के 405 किसानों के बिजली बिलों में कथित गड़बड़ी दूर करने और खेती के समय बिजली कनेक्शन नहीं काटने की मांग भी उठाई। इसके अलावा एत्मादपुर मदरा में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी शिकायतों के समाधान तथा सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की गई।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने बताया कि नजरबंदी की आशंका के चलते वह रात में ही कलेक्ट्रेट पहुंच गए थे। जानकारी मिलने पर पुलिस बल तैनात किया गया और उन्हें अन्य पदाधिकारियों के साथ थाने ले जाया गया।
प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर, प्रदेश सचिव ओम प्रकाश सिंह, द्वारिका प्रसाद यादव, अजय राज शास्त्री, वेद प्रकाश पचौरी, श्यामवीर सिंह चाहर और नत्थू सिंह धाकरे सहित कई किसान नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।





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