मथुरा। शहर में गंगाजल की आपूर्ति करने वाले गोकुल बैराज स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन पर संकट गहराने लगा है। नगर निगम पर जल निगम नगरीय का संचालन मद में 70 लाख रुपये बकाया है। वहीं, पुरानी मशीनों और मोटरों की मरम्मत तथा नई मोटरों की खरीद के लिए भेजे गए प्रस्तावों पर भी धनराशि नहीं मिली है। जल निगम नगरीय ने भुगतान और जरूरी मरम्मत के अभाव में प्लांट का संचालन जारी रखने में असमर्थता जताई है। स्थिति नहीं सुधरी तो शहर के 21 वार्डों में गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।वर्ष 2004 में अमृत योजना के तहत गोकुल बैराज पर करीब 100 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया था। यहां से नगर निगम के 70 में से 21 वार्डों को प्रतिदिन करीब 25 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति की जाती है। प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी जल निगम नगरीय के पास है। विभाग के अनुसार, यहां लगी मशीनें और मोटरें करीब 22 वर्ष पुरानी हो चुकी हैं, जिसके चलते वे आए दिन खराब हो रही हैं।जल निगम नगरीय के सहायक अभियंता नसीम अहमद ने बताया कि तीन नई मोटरों की खरीद के लिए 32 लाख रुपये तथा चहारदीवारी, परिसर, फिल्टर हाउस और क्लेरिफ्लोक्यूलेटर मशीन की मरम्मत के लिए 13 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इस संबंध में नगर आयुक्त को कई बार पत्र भी लिखे गए हैं। हाल ही में दो पंप खराब होने से आठ दिन तक गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित रही थी। विभाग का कहना है कि बकाया भुगतान और मरम्मत के लिए धनराशि नहीं मिलने से संचालन मुश्किल हो रहा है।
70 लाख बकाया, पुरानी मोटरों के भरोसे गंगाजल प्लांट,मथुरा में जलापूर्ति पर संकट
मथुरा। शहर में गंगाजल की आपूर्ति करने वाले गोकुल बैराज स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन पर संकट गहराने लगा है। नगर निगम पर जल निगम नगरीय का संचालन मद में 70 लाख रुपये बकाया है। वहीं, पुरानी मशीन…
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