फोन खरीदने के बाद भी उसका इंश्योरेंस लिया जा सकता है। ऐसा बीमा चोरी, टूट-फूट और पानी से हुए नुकसान में सुरक्षा देता है और वारंटी खत्म होने के बाद भी काम आता है, क्योंकि कई बार वारंटी सीमित क्षति को ही कवर करती है।
आजकल रिपेयर महंगी हो गई है। कई बार केवल स्क्रीन बदलवाने का खर्च फोन की कीमत का 20 से 30 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। ऐसे में छोटा सालाना प्रीमियम बड़े खर्च से बचा सकता है। विदेश यात्रा करने वालों के लिए ग्लोबल कवर वाले प्लान भी उपलब्ध हैं।
क्लेम के लिए सबसे पहले बीमा कंपनी को सूचना दें। फिर क्लेम फॉर्म, खरीद की रसीद, पॉलिसी की कॉपी और चोरी की स्थिति में FIR जमा करनी होती है। इसके बाद कंपनी प्लान की शर्तों के अनुसार फोन ठीक कराती है या रकम लौटाती है।



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