मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने एक संयुक्त समझौते पर दस्तखत किए। इसमें उन्नत कंप्यूटिंग मॉडलों की सुरक्षा के लिए चार चरणों वाले नियंत्रण और ऑडिट ढांचे को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। भविष्य में इस रूपरेखा को कानूनी रूप देने की संभावना भी खुली रखी गई है।
यह दस्तावेज फ्रंटियर जिम्मेदारियों पर संयुक्त प्रतिबद्धता के नाम से सार्वजनिक हुआ। इसे व्हाइट हाउस में सुपर इंटेलिजेंस विषय पर हुए सम्मेलन के बाद जारी किया गया। बैठक उन चेतावनियों के बाद बुलाई गई थी, जिनमें टेक कंपनियों के प्रमुखों ने फ्रंटियर AI के तेज विकास और उसके बेकाबू होने के जोखिम की ओर इशारा किया था।
घोषणा में कहा गया है कि हर टेक्नोलॉजी कंपनी की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह अपनी तकनीक सुरक्षित ढंग से बनाए। फ्रंटियर मॉडल तैयार और तैनात करने वाली कंपनियों को तकनीकी खामियों के तुरंत समाधान के लिए मज़बूत व्यवस्था भी रखनी होगी। ट्रंप ने इसे जबरदस्त सेल्फ-पुलिसिंग बताया।




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