मथुरा।जिले की चार महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण की योजना पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया में अटक गई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (सीईसी) ने पेड़ों के कटान की अनुमति देने से पहले लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से विस्तृत जानकारी मांगी है। सोमवार को दिल्ली में हुई सुनवाई के दौरान कमेटी ने निर्देश दिया कि संबंधित सड़कों की मौजूदा चौड़ाई, प्रस्तावित विस्तार और इसकी जद में आने वाले पेड़ों की संख्या स्पष्ट रूप से नक्शे सहित प्रस्तुत की जाए।पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता गुलवीर सिंह ने सुनवाई में चारों सड़कों से संबंधित रिपोर्ट पेश की। इनमें प्रांतीय खंड की फरह-सौंख और बरसाना-ऊंचागांव-सुनहरा सड़कें शामिल हैं। वहीं, निर्माण खंड-प्रथम की पागल बाबा से यमुना एक्सप्रेसवे सर्विस रोड तथा चिंताहरण से ब्रह्मांड घाट-मथुरा मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इन मार्गों का विस्तार स्थानीय आवागमन, धार्मिक पर्यटन और हरियाणा सीमा से संपर्क की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।कमेटी ने पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करने के लिए विभाग से विस्तृत ले-आउट प्लान और पेड़ों की गणना के साथ संशोधित रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में प्रत्येक सड़क की वर्तमान और प्रस्तावित चौड़ाई तथा प्रभावित होने वाले पेड़ों का पूरा विवरण देना होगा। इसके बाद ही पेड़ कटान की मंजूरी पर आगे विचार किया जाएगा।





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