मथुरा। छाता चीनी मिल परिसर में मंगलवार, 20 अक्टूबर को मिल चालू कराने की मांग को लेकर किसानों और भूतपूर्व सैनिक परिषद का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से ‘कालनेमि’ रावण का पुतला दहन करने का प्रयास किया। इस दौरान पुतले को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान हुई। मिल चालू कराने की मांग को लेकर यहां पिछले 69 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है।जानकारी के अनुसार, पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन शुरू किया। जैसे ही पुतले में आग लगाई गई, मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। खींचतान के दौरान पुतले का करीब आधा हिस्सा पुलिस के हाथ लग गया, जबकि शेष हिस्से को किसानों ने जला दिया। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।



प्रदर्शन के दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें एडीएम अमरेश सिंह,एसडीएम अखिलेश सिंह, तहसीलदार नितिन,नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग, सीओ छाता भूषण वर्मा और सीओ गोवर्धन अनिल कुमार शामिल रहे।किसानों की मुख्य मांग छाता चीनी मिल को चालू कराने की है।






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