लेख में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में डीबीटी व्यवस्था के बाद सरकारी सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाती है और बिचौलियों की भूमिका घट गई है। जनधन खाता, आधार और मोबाइल को इस प्रणाली का आधार बताया गया है।
विश्लेषण के अनुसार केंद्र और राज्य की करीब 200 योजनाएं इससे जुड़ी हैं और नौ करोड़ से अधिक लोग इसके दायरे में हैं। प्रदेश के तीन करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि मिल रही है, जबकि एक करोड़ से अधिक बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को हर महीने पेंशन दी जाती है।
कक्षा एक से आठ तक के हर छात्र के अभिभावक के खाते में 1200 रुपये भेजे जाते हैं। लेख के मुताबिक आधार सत्यापन से लाखों फर्जी और दोहरे नाम सूची से हटे हैं और 11 विभागों में दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत का दावा किया गया है।




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