11 अक्टूबर, 2026  |  15:13 IST
Jila Nazar
रविवार, 11 अक्टूबर 2026
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राजस्थान साइबर पुलिस की चेतावनी: बाल यौन शोषण सामग्री देखना या भेजना दंडनीय अपराध

आर4सी ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से ऐसी सामग्री से दूर रहने और अनजाने में मिलने पर तुरंत पोर्टल पर शिकायत करने को कहा है।

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राजस्थान साइबर पुलिस की चेतावनी: बाल यौन शोषण सामग्री देखना या भेजना दंडनीय अपराध
प्रतीकात्मक चित्र: Piku das / CC BY-SA 4.0 / Wikimedia Commons

राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच (आर4सी) ने जनहित में एडवाइजरी जारी की है। इसके अनुसार बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को इंटरनेट पर तलाशना, देखना, डाउनलोड करना, बनाना या आगे भेजना गंभीर और दंडनीय अपराध है।

अतिरिक्त महानिदेशक वीके सिंह ने बताया कि यह आम वयस्क सामग्री नहीं है, बल्कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों के शोषण से जुड़ी डिजिटल सामग्री है और इसमें बच्चे की सहमति कानूनन मान्य नहीं होती। पुलिस के मुताबिक ऐसी सामग्री देखने से इसकी मांग बढ़ती है। डिजिटल गतिविधि का रिकॉर्ड जांच में सामने आ सकता है और फाइल मिटाने के बाद भी साक्ष्य उपलब्ध रह सकते हैं।

पुलिस ने अपील की है कि अगर ऐसी सामग्री अनजाने में मिल जाए तो उसे किसी को न भेजें, बल्कि तुरंत संबंधित पोर्टल पर इसकी सूचना दें।

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जिला नज़र डेस्क · सम्पादकीय डेस्क

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