बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर जिले के गडरा रोड ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजों ने स्थानीय स्तर पर बड़ी हलचल पैदा कर दी है। इस चुनाव में एक उम्मीदवार पूराराम का नामांकन दस्तावेजों में खामियों के कारण खारिज कर दिया गया था। नियमों के मुताबिक उनका नाम मतपत्र से हटा दिया जाना चाहिए था, लेकिन बैलेट पेपर पर उनका नाम और चुनाव चिह्न दोनों मौजूद रहे।
मतदान प्रक्रिया सामान्य तरीके से हुई और मतगणना के बाद पूराराम को सबसे अधिक वोट मिले। नतीजतन उन्हें विजेता घोषित कर दिया गया। जब यह बात सामने आई कि उनका नामांकन पहले ही रद्द हो चुका था, तो इलाके में सवाल उठने लगे। लोग पूछ रहे हैं कि खारिज हुए उम्मीदवार का नाम बैलेट पर कैसे रह गया और मतदान कैसे हो सका।

मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाई। अधिकारियों ने पूरी चुनाव प्रक्रिया की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि नामांकन खारिज होने के बावजूद नाम और चिह्न मतपत्र पर कैसे छपे और मतगणना तक प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी।
इस घटना ने पंचायत स्तर के चुनावों में पारदर्शिता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अगर लापरवाही या कोई गलती सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल प्रशासन मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच को प्राथमिकता दे रहा है।





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