दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड पर ही धरना-प्रदर्शन की अनुमति होगी। गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश पर यह फैसला लिया गया।
जंतर-मंतर संसद भवन के पास स्थित है और लंबे समय से लोकतंत्र की आवाज का प्रतीक रहा। यहां पहला प्रदर्शन 1993 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के तत्कालीन अध्यक्ष आशीष सूद ने केंद्र सरकार के एक आदेश के विरोध में किया था। इससे पहले प्रदर्शन राजपथ (कर्तव्य पथ) के पास बोट क्लब लॉन पर होते थे। 1988 में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के विशाल आंदोलन के बाद बोट क्लब पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
इस बदलाव पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया है। मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी पहुंचा है।





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