लखनऊ। दर्द केवल एक सामान्य लक्षण नहीं बल्कि शरीर का वह महत्वपूर्ण संकेत है जो किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकता है। यदि दर्द लंबे समय तक बना रहे तो यह व्यक्ति की कार्यक्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में आधुनिक पेन मैनेजमेंट तकनीकों की मदद से बिना सर्जरी भी कई प्रकार के पुराने और जटिल दर्द का प्रभावी उपचार संभव है। डॉ. ओम जी तिवारी ने बताया कि दर्द मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। पहला तीव्र दर्द (एक्यूट पेन), जो चोट, संक्रमण, ऑपरेशन या सूजन के कारण अचानक होता है और उचित उपचार से कुछ दिनों या सप्ताह में ठीक हो जाता है। दूसरा दीर्घकालिक दर्द (क्रॉनिक पेन), जो तीन महीने या उससे अधिक समय तक बना रहता है। इसमें कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों का दर्द, नसों का दर्द, कंधे का दर्द शामिल हैं। फिजियोथेरेपी, पुनर्वास तथा जीवनशैली में सुधार जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
उन्होंने सलाह दी कि यदि दर्द लगातार बना रहे, रात में बढ़ जाए, हाथ-पैरों में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो, दर्द के कारण नींद प्रभावित हो रही हो या सामान्य दर्द निवारक दवाओं से राहत न मिल रही हो।
दर्द से बचाव के लिए सही शारीरिक मुद्रा अपनाना, नियमित व्यायाम करना, वजन नियंत्रित रखना, लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठना, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों को नियंत्रित रखना तथा बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करना आवश्यक है.




टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।