संपादकीय में कहा गया है कि हरमनप्रीत कौर का तीनों प्रारूपों की कप्तानी छोड़ना भारतीय महिला क्रिकेट में एक अध्याय का अंत और बदलाव की शुरुआत है। अब वे केवल खिलाड़ी के रूप में खेलेंगी।
लेख के अनुसार उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 का विश्वकप रहा, जब भारत ने घरेलू धरती पर पहली बार वनडे विश्वकप जीता। एशिया कप और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक भी उनकी अगुआई में आए, और 2026 के एशियन गेम्स में लगातार दूसरा स्वर्ण कार्यकाल का समापन बना।
संपादकीय का मत है कि उन्होंने बेटियों में यह भरोसा जगाया कि क्रिकेट का मैदान उनका भी है। अब तीस वर्षीय स्मृति मंधाना कमान संभालेंगी, जो पहले उपकप्तान रही हैं। उनकी नई शुरुआत जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे और टी-20 श्रृंखला से होगी।
लेख में यह भी कहा गया है कि विश्वकप जीत के बाद अपेक्षाएं बढ़ी हैं और स्मृति को आत्मविश्वास की इस विरासत को आगे ले जाना होगा।




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