बीएचयू के आईएमएस में आयुर्वेद संकाय के प्रसूति तंत्र विभाग की तीन दिवसीय 'प्रसूतिकॉन-2.0' के दूसरे दिन स्वतंत्रता भवन में गुजरात की सीवीएम यूनिवर्सिटी की प्रसूति विभागाध्यक्ष डॉ. जैस्मीन रितेश गुजराथी ने उत्तर बस्ती पद्धति समझाई। उन्होंने कहा कि यह उपचार संतानहीन दंपतियों के लिए उम्मीद बन सकता है।
उनके अनुसार इसमें औषधीय तेल, घी और काढ़ा गर्भाशय व फेलोपियन ट्यूब में पहुंचाया जाता है। मासिक चक्र पूरा होने के बाद यह प्रक्रिया शुरू होती है और तीन से पांच दिन चलती है। उनका दावा है कि इससे ट्यूब का अवरोध खुल सकता है और हार्मोन संतुलित होते हैं।
डॉ. गुजराथी ने इसे आईवीएफ का विकल्प बताया और कहा कि इलाज पर लगभग डेढ़ हजार रुपये खर्च आता है। महिला की शारीरिक स्थिति, प्रकृति और खानपान को ध्यान में रखा जाता है। ये बातें वक्ता के दावे हैं।




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