'विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित बस्ती' विषय पर गुरुवार को हुए पहले सत्र में जिले की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बातचीत उद्योग और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित रही। वक्ताओं का मानना था कि उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिले तो बस्ती को नई दिशा मिल सकती है।
हरैया क्षेत्र के विधायक अजय सिंह ने कहा कि आजादी के बाद जिले में कई चीनी मिलें लगीं, पर उनमें से अनेक बंद हो गईं। उनके मुताबिक मुंडेरवा चीनी मिल फिर चालू कराई गई है और मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज व अटल आवासीय विद्यालय भी शुरू हुए हैं। उन्होंने काष्ठ शिल्प और सिरके को बस्ती की उभरती पहचान बताया।
उद्यमी सुभाष शुक्ल ने दवा निर्माण और मेडिकल उपकरणों का उत्पादन स्थानीय स्तर पर शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि रोजगार बढ़े। उद्यमी अखिलेश दुबे ने कहा कि गांव-गांव सड़कें पहुंचने से आवागमन आसान हुआ है और बस सेवाओं का दायरा भी बढ़ा है।




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