केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के उद्घाटन में कहा कि देश में अभी 55 करोड़ लोग 5जी इस्तेमाल करते हैं और 2030 तक यह संख्या एक अरब करने का लक्ष्य है। उनके मुताबिक भारत 4जी में पिछड़ा था, 5जी में बराबरी पर आया और अब 6जी में अगुवाई करना चाहता है। देश के 6जी गठबंधन में 90 संस्थान हैं और 7,700 पेटेंट हासिल हुए हैं।
सिंधिया ने बताया कि एक जीबी डेटा की कीमत 2014 के 268 रुपये से घटकर आठ रुपये रह गई है। देश में 1.35 अरब मोबाइल उपयोगकर्ता हैं, मोबाइल उद्योग 63 अरब डॉलर का हो चुका है और निर्यात लगभग 29 अरब डॉलर तक पहुंचा है। भारतनेट परियोजना से करीब 2.6 लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ा जाएगा।
समारोह में यह भी बताया गया कि 5जी दिसंबर 2025 तक करीब 85 प्रतिशत आबादी तक पहुंच गया, पर 2024-25 में कुल वायरलेस डेटा का केवल 25 प्रतिशत इसी नेटवर्क पर था। महंगा ढांचा, फाइबर की कमी और सीमित कमाई को इसकी वजह माना गया है।




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