तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के एमएड प्रवेश परीक्षा परिणाम को लेकर लगे अनियमितता के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। सत्र 2025-27 और 2026-28 के नतीजों में दो टॉपर्स को 99 और 98 अंक मिले थे, जिस पर सवाल उठे। आरोप है कि दोनों के पिता का नाम एक ही दर्ज है।
विश्वविद्यालय की गठित उच्चस्तरीय कमेटी ने मंगलवार को करीब दो घंटे बैठक की। सीसीडीसी प्रो एसएन पांडे संयोजक हैं और सिंडिकेट सदस्य भी समिति में शामिल हैं। कमेटी ने छात्र कल्याण अध्यक्ष और परीक्षा नियंत्रक से जरूरी कागजात मंगवाए हैं।
प्रश्नपत्र बनाने, उसकी गोपनीयता, परीक्षा संचालन, कॉपियों की जांच और अंतिम परिणाम तक की फाइलें खंगाली जाएंगी। दूसरी बैठक बुधवार को होगी। शिकायत अखिल बिहार छात्र एकता के संयोजक बमबम प्रीत ने लोकभवन और विश्वविद्यालय को लिखित रूप में दी थी।




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