लेख के अनुसार शेयर बाजार कुछ महीनों से दबाव में है और 2026 में अब तक सेंसेक्स 16 फीसदी से ज्यादा फिसल चुका है। वैश्विक अस्थिरता, महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपया इसकी वजह बताए गए हैं। लेख कहता है कि सबसे बड़ी चूक एसआईपी रोक देना या बिना योजना के गिरावट में खरीदारी करना है।
सुझाए गए फॉर्मूले में पैसा चार खातों में रखा जाता है। इनकम अकाउंट में केवल आय आती है। आउटगोइंग अकाउंट में ईएमआई, किराया, फीस और बिल की रकम महीने की शुरुआत में भेजी जाती है। सेविंग्स व इन्वेस्टमेंट अकाउंट में छह महीने के खर्च के बराबर आपातकालीन फंड और एसआईपी, सोने तथा शेयरों की रकम रहती है।
चौथा स्पेंडिंग अकाउंट राशन, पेट्रोल और घूमने-खरीदारी के सीमित बजट के लिए है। विश्लेषण के अनुसार इससे घाटे में चल रहे शेयर बेचने की नौबत नहीं आती और एसआईपी जारी रहती है। यह निवेश सलाह नहीं है।




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